किसान के बेटे ने भाला फेंक मे जीता सोना, पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू 



सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- किसान के बेटे ने भाला फेंक मे जीता सोना, पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू !
कस्बे के निकटवर्ती चावंडिया गांव में आज किसान के एक बेटे ने भाला फेंक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर जब अपने घर लौटा तो ग्रामवासियों ने ढोल नगाड़े के साथ जमकर स्वागत किया | हर कोई इस पल में अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा था | वही जब उसके पिता से इस उपलब्धि के बारे में जाना तो उनकी आंखों से खुशी के मारे आंसू छलक आई | चावंडिया निवासी राधेश्याम पिता जगदीश चंद्र जाट ने तमिलनाडु में आयोजित आठवीं रूरल राष्ट्रीय खेल 2018 में भाग लिया | इस प्रतियोगिता में उन्होंने भाला फेंक स्पर्धा मे गोल्ड मेडल जीता | आज वे अपने गांव चावंडिया जो जिले में पक्षी ग्राम के नाम से विख्यात हैं | वहां पहुंचने पर परिजनों व ग्रामीणों ने उसाा जोरदार तरीके से स्वागत किया और राधेश्याम को माला पहनाकर उसका अभिनंदन किया | वही उनके मित्रों ने उसे कंधे पर बैठाकर उसके घर तक पहुंचाया | जिस दौरान राधेश्याम व उसे प्राप्त हुए गोल्ड मेडल के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई | राधेश्याम के गोल्ड मेडल जीतने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है वही उनको बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है | प्राप्त जानकारी के अनुसार भाला फेंक स्पर्धा में भीलवाड़ा जिले में यह पहला गोल्ड मेडल जीता है ||

मेरे बेटे ने गोल्ड मेडल जीता है उसने मेरे परिवार, गांव व जिले तथा राजस्थान का नाम रोशन किया | वह आगे भी इसी तरह देश ही नही विदेशों में जाकर अपना व गांव का नाम रोशन करें | जिसके लिए मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उनको भगवान व बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद सदा उस पर बना रहे | मैं एक किसान का बेटा हूं आज बहुत ही गर्व महसूस कर रहा हूं कि एक किसान के बेटे ने दूसरे राज्य में जाकर गोल्ड मेडल जीता है | इतना कहते ही उनकी आंखों से खुशी के मारे आंसू छलक आए ||
पिता जगदीश चंद्र जाट

आज जो मैं यहां पहुंचा हूं उसमें मेरे माता-पिता और  गुरुजनों की देन है | वही ग्राम वासियों ने भी मुझे बहुत ही प्रोत्साहित किया | इन्होंने मुझे हमेशा ही खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया |  ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई प्रतियोगिता होती हैं जिसमे हिस्सा लेकर हम आगे बढ़ सकते हैं | भाला फेंक प्रतियोगिता में मेरे साथ 11 और प्रतियोगी थे, जिसमें से मुझे गोल्ड मिला है | मैं आगे जाकर कोच बनना चाहता हूं | इसे ग्रामीण क्षेत्रों से और कई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद मिले ||
गोल्ड मेडल विजेता राधेश्याम जाट


राधेश्याम ने जो गोल्ड मेडल प्राप्त किया है उसे हम सभी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं | उसने हमारे गांव का नाम रोशन किया है | हम  सभी उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं वो ऐसे ही निरंतर आगे बढ़ता रहे ||
शंकर सिंह सोलंकी मित्र


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