कोटड़ी मे दोनों समुदायों का अनोखा भाईचारा,,जल झूलन महोत्सव एवं मोहर्रम त्योहार एक ही दिन होने पर,एक दिन बाद मोहर्रम मनाने का लिया निर्णय




कोटडी :- (कमलेश शर्मा) मुख्यालय के पुलिस थाना परिसर  में बुधवार को थाना अधिकारी  कृष्णकांत चौधरी व सरपंच जमना लाल डीडवानिया की अध्यक्षता में बुधवार को सायंकाल सीएलजी मीटिंग आयोजित हुई। कस्बे में 20 सितंबर को जल झूलन महोत्सव व मोहर्रम त्योहार का एक ही दिन होने से प्रशासन असमंजस में था । पर दोनों समुदायों के प्रबुद्ध जनों ने  सलाह परामर्श कर कस्बे की वर्षों पुरानी भाईचारे की  मिसाल को कायम रखा।  मुस्लिम समाज के सदस्यों ने  सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश करते हुए  जल झूलन महोत्सव के  1 दिन बाद मुहर्रम का त्योहार मनाने का निर्णय किया । जिसका हिंदू समाज के लोगों ने  स्वागत किया । दोनों समुदायों के सोहार्द पूर्वक लिए गए निर्णय से प्रशासन ने राहत की सांस ली। मीटिंग में कृष्णगोपाल लड्ढा ने भीलवाड़ा रोड पर बिना लाइसेंस के मांस, मछली व अंडा बेचने की दुकानों को शीघ्र बंद कराने की मांग की । महोत्सव में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आम रास्ता, वाहन पार्किंग, ट्रैफिक व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामओ को लेकर चर्चा हुई। केश कला बोर्ड सदस्य पहलाद सेन ने मेले के दौरान अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बढ़ाए जाने की मांग की। सदस्यों द्वारा तेजा दशमी व एकादशी को ड्राई डे घोषित करने की मांग की गई। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्याम सुंदर  चेचाणी, रामबक्ष चौधरी, धर्मचंद जीनगर, सीआर कैलाश रेगर, हाजी फतेह मोहम्मद, मुनीर मेवाती, लियाकत बिसायती, कयूम लोहार, रफीक मोहम्मद पठान, फौजी लतीफ मोहम्मद, राकेश काबरा व लक्ष्मी जीनगर सहित अन्य सीएलजी सदस्यमौजूद थे।

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