डिपो की मनमानी कौन कहे रानी को कानी

जिला मुख्यालय से करीब पन्द्रह  ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला सडक मार्ग शक्कर गढ भीलवाड़ा वाया बाकरा एक समय तीन तीन बसो से आनन्दित था। या तो किसी की नज़र लगी या डिपो प्रशासन से चालक परिचालकों की मिलीभगत आज फिर एक भी बस नसीब नहीं है। इसी रूट का आदर्श गांव बाकरां जिसे सांसद ने गोद लिया था अब लगता है सांसद  ने गोद सै पटक दिया है। आजादी के 65-70 सालो बाद ग्रामीणों ने गांवों मे रोडवेज के दर्शन किये थे अब भगवान जाने वापस कब होंगे। चुनाव सिर पर हे  वही ग्रामीणों का कहना हे की बाकरा सांसद आदर्श गाव हे लेकिन आदर्श जेसी एक भी सुविधा नही हे बाकरा पंचायत मुख्यालय में वर्तमान में एक भी साधन नही हे जिससे तहसील मुख्यालय या जिला मुख्यालय पर जा सके  ग्रामीणों को आवागमन की कोई सुविधा नही इससे लोगो में रोष हे 4 दिन से एक भी बस नही आ रही हे सरपंच राकेश खटीक ने बताया की सरकार का सन्देश बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा विफल होता नजर आ रहा हे गाव की बेटिया पढ़ाई के लिये जाती थी अब जा नही पा रही हे अगर पांच दिन में  बसे वापिस चालु नही हुयी तो ग्रामीण रोड जाम कर  विरोध् करेंगे अम्बेडकर विचार मंच युवा अध्यक्ष अनिल सालवी ने कहा की शक्करगढ़ भीलवाडा मार्ग पर कोई साधन नही हे ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा चिकित्सा व् रोजगार जेसी मुलभुत आवश्यकताओ को जुझना पड़ रहा हे जो की एक आदर्श ग्राम के लिए दुःख की बात हे ग्रामीणों ने रोडवेज प्रबन्धक से बसे चालु करवाने की मांग की इस दौरान नवयुवक मण्डल अध्यक्ष सत्यनारायण सेन घीसू माली श्याम माली भगवान पाराशर ॐ सोनी पपु मीणा व् ग्रामीण मौजूद थे 

सांसद शुभाष बहेडीया ने कहा की मुझे पहले कोई सुचना नही थी प्रबन्धक से बात करके जल्द ही बसे सुचारू रूप से चालु करवादी जायेगी


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