श्वेताम्बर जैन संघ ने पर्युषण के समापन पर मांगी क्षमा याचना




क्षमा ही मनुष्य जीवन में आत्मशुद्धि का प्रमुख आधार, ये वो गुण है जो दुश्मन को भी दोस्त बना देता है =महावीर स्वामी 

  बीगोद( महेंद्र बाबेल) बीगोद में श्वेतांबर जैन संघ ने पर्युषण पर्व के समापन पर जैन धर्म के लोगो ओर धर्म प्रेमियों द्वारा बीगोद कस्बे  के बाजार में ओर घर  घर में जाकर अपने पहले के जितने भी भूल चूक से हुई गलतियो के क्षमा याचन की। पर्यूषण पर्व जैन धर्म का मुख्य पर्व है। श्वेतांबर इस पर्व को 8 दिन और दिगंबर संप्रदाय के जैन अनुयायी इसे 10 दिन तक मनाते हैं।श्वेतांबर जैन मंदिरों में संवत्सरी महापर्व पर प्रतिक्रमण के साथ पर्यूषण पर्व का समापन हुआ।
धर्म मर्मज्ञों के सानिध्य में समाज के लोगों ने मंत्रोच्चार के साथ 84 लाख जीव-जंतुओं से क्षमा याचना की।


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