खाकी पर दागः 'लव जेहादी' हो गई है उत्तर प्रदेश की पुलिस
यूपी पुलिस ने लव को जेहाद बनाने की क़सम खा ली है. कसम खा ली है कि यूपी में भले ही मुजरिम छुट्टे घूमें. खुलेआम जुर्म करें, जुर्म का ग्राफ ऊंचा करते रहें. मगर वो उनका कुछ नहीं करेगी. कुछ नहीं कहेगी. मगर हां, वो ये बर्दाश्त नहीं करेगी कि यूपी में कोई लड़का, लड़की बिना पुलिस से पूछे दोस्ती करें, प्यार करें, एक-दूसरे से मिलें. वो भी दो अलग-अलग धर्म और मज़हब के लोग तो खासतौर पर.
वर्दी वाले गुंडे
ये कहानी शुरू होती है कि पश्चिम यूपी के मेरठ शहर से. अपने आपको विश्व हिंदू परिषद का कार्यकर्ता बताने वाले कुछ गुंडे मेरठ की एक कोतवाली में घुस आए थे. कोतवाली से खाकी वर्दी ओढ़े कुछ दूसरे गुंडे निकले. डायल 100 की गाड़ी में. पहुंचे एक मोहल्ले में और घुस गए एक घर में. खींचा एक लड़की को और उसके दोस्त को. बैठा लिया पुलिस की गाड़ी में और फिर क्या हुआ वो पूरे देश ने देखा.
मेरठ पुलिस की काली करतूत
कैसे एक पुलिस वाला लड़की से कह रहा है "यहां किसके घर में रह रही हो. मुल्ला ज्यादा पसंद आ रहा है. तुझे इतना समझ नहीं आता हिंदू होते हुए दूसरे के साथ जा रही है." ये यूपी पुलिसवाले मैट्रिमोनियल साइट क्यों नहीं खोल लेते. आपको लगता होगा कि पुलिस लोकतंत्र की हिफाजत के लिए होती है तो इस भ्रम को उतार फेंकिए. यूपी पुलिस अपने जूते के तल्ले में अपनी बेहयाईयों की नाल ठोक कर घूमती है. लड़की देखते ही उसके दोपायों के भीतर एक चौपाया जाग जाता है और उसके नथुने फड़फड़ाने लगते हैं.
पुलिस और मनचलों के बीच फर्क नहीं
हुआ ये था कि मेडिकल की पढ़ाई कर रही लड़की अपने एक दोस्त से मिलने उसके घर गई थी. लेकिन उसे पता नहीं था कि यूपी पुलिस और सेंधमारों के बीच कोई फर्क नहीं रह गया है. उसे नहीं पता था कि यूपी पुलिस और उचक्कों के बीच कोई फर्क नहीं रह गया है. उसे नहीं पता था कि यूपी पुलिस और सड़कछाप मनचलों-मवालियों के बीच कोई फर्क नहीं रह गया है. पुलिस धड़धड़ाते हुए घुसी घर में और उठा लिया दोनों को. बोली- चलो थाने.
वर्दीवाले गुंड़ों ने गाड़ी में लड़की को छेड़ा
मवालियों के सामने कत्थक करने वाली उत्तर प्रदेश की गुंडा पुलिस के अंदर का गुंडा खूंखार हो गया था. योगी आदित्यनाथ को तो पता ही नहीं है कि जिस पुलिस को वो रोमियो स्क्वैड का दस्ता समझे बैठे हैं, वो दरअसल खाकी में मवालियों और मनचलों की फौज है. पुलिस की गाड़ी में पुलिस वाले गुंडे लड़की को छेड़ रहे थे. गालियां दे रहे थे. छू रहे थे. उसके कपड़े खींच रहे थे. धर्म के नाम पर उसके स्वाभिमान का वस्त्र हरण कर रहे थे.
महिला सम्मान को मनचले सिपाहियों ने रौंदा
सोचिए पुलिस की गाड़ी में पुलिसवाले लड़की को मेरठ की सड़कों पर खुलेआम छेड़ रहे थे. ठहाके लगा रहे थे. वीडियो बना रहे थे. रौंद रहे थे इंसानियत को. लूट रहे थे स्त्री के स्वाभिमान को. रौंद रहे थे उसकी हिम्मत को. लेकिन फिर यूपी पुलिस के मनचले सिपाहियों का वीडियो वायरल हो गया. फजीहत होने लगी. तो मेरठ पुलिस के सिटी एसपी साहब सामने आए. एसपी बोले तो मेरठ पुलिस के मनचलों के मालिक. एसपी राणा विजय सिंह ने कहा "आरोप था कि कहीं ये लोग किसी एक मोहल्ले में जाकर वहां पर कुछ हरकत कर रहे होंगे."
वर्दी वाले गुंडों को बचाने की साजिश
गुंडों के इशारे पर गुंडों के लिए समर्पित ये कमाल का पुलिसवाला है. अपने कमरे में दो लोगों की मुलाकात के भीतर उसके कारिंदों को लड़की छेड़ने का, उसके कपड़े खींचने का, उसे घर से उठा लेने का, उसे गालियां देने का, उसे छूने का लाइसेंस मिल जाता है. ये एसपी साहब आगे बोले "जो लड़का था उसका मेडिकल भी कराया था. इसकी डीटेल्स हैं उसकी जीडी में हम लोगों ने एंट्री भी करी है."
एसपी सिटी की बेहयाई
ऐसे ही होते हैं गुंडों के सरदार. बेहया पलटन का सरदार कहता है कि हमारी पीठ ठोको. हमने घर में बैठे लड़के को उठा लिया. थाने ले आए. उसकी मेडिकल जांच करा ली और घर वालों को दे दिया. क्यों भाई, उसका गुनाह क्या? कि वो अपनी एक दोस्त के साथ अपने घर में बैठा था. मतलब उत्तर प्रदेश वाले किसको अपने घर बुलाएंगे, किसको चाय पिलाएंगे, किसको गले लगाएंगे, किसके साथ फिल्म देखेंगे वो यूपी पुलिस के गुंडे, यूपी पुलिस के लफंगे, यूपी पुलिस के लुच्चे और यूपी पुलिस के छिछोरे तय करेंगे.
मनचले पुलिसवालों पर एसपी का बेतुका बयान
मेरठ के एसपी सिटी राणा विजय सिंह ने आगे तो और भी हद कर दी. बोले "चूंकि वीडियो में आजकल आपको पता है कि मैनिपुलेशन काफी होते हैं तो वीडियो की जांच कराई जानी आवश्यक है."
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